A joint venture by Bisht sisters (Kalpana Bisht and Renu Bisht) to fetch out the feeling of every heart ! Each line and each thought of this blog is our own creation !
Tuesday, 27 February 2018
Friday, 23 February 2018
Sunday, 18 February 2018
Wednesday, 14 February 2018
Friday, 9 February 2018
एक अकेली आवाज़
कभी सुनी है आपने हज़ारो की भीड़ मे वो एक अकेली आवाज़ .....
- राशन की लम्बी कतार मे खड़े कंफ्यूज ग्राहक, इस दुबिधा मे की उनको सामान मिलेगा की नहीं, मूक दुकानदार के mixed expressions को पड़ने की कोशिश करते हुए और तभी जो आवाज पूछ बैठती है "भैया सामान मिलेगा कि नहीं" ... I appreciate that courage.
- किसी ऑनलाइन वेबसाइट की भारी गलती पर वो एक आवाज जो उन्हें बिना किसी सेल्फ motive के लोगों को aware बनाती है ,... I appreciate that courage.
- ऑनलाइन trolls और गालियों के बीच मे, सभी को दरकिनार करते हुए एक वो आवाज़ जो ऑनलाइन मीडिया के bright साइड दिखा जाती है ... I appreciate that courage.
- कभी देखा है, गाड़ियों का जाम, घंटो तक और एक दूसरे का मुँह ताकते लोग, एक वो आवाज जो जानना चाहती है "भाई दिक्कत क्या हैं" . ... I appreciate that courage.
कितना दब गए है हम, हैं न ! कि सवाल करना ही छोड़ दिया है, पर यूँ ही घूमते फिरते एक आवाज सुनाई दे
जाती है "भैया मसला क्या चल रहा" और मन ही मन मैं कहती हूं "I am proud of you".
Sunday, 4 February 2018
आम लोग
अक्सर खबरों मे सुनने मे आता है की
... आम लोगो मे रोष
.... आम लोगो मे भगदड
फलाना फलाना ........
ये न्यूज़ चैनल वाले आम लोगो को इतना आम बना बना देते हैं कि मानो वो कोई बिलुप्त प्रजातियां हो.
तो आइयें आज बात करते हैं इन so called आम से लोगो के बारे मे ।
:
:
:
:
... आम लोगो मे रोष
.... आम लोगो मे भगदड
फलाना फलाना ........
ये न्यूज़ चैनल वाले आम लोगो को इतना आम बना बना देते हैं कि मानो वो कोई बिलुप्त प्रजातियां हो.
तो आइयें आज बात करते हैं इन so called आम से लोगो के बारे मे ।
:
:
:
:
- मेरे तड़के आँख खुलने से पहले, कई घरों का काम निपटाने के बाद, जो औरत मेरे घर की डोर बेल बजाती है
, वो बातूनी सी मेरे घर की बाई, कोई आम तो नहीं। दिन भर की थकान के बाद भी "मैडम जी ये", "मैडम जी वो" करना नहीं भूलती, तो वो कुछ ख़ास ही होगी।
- मेरे दफ्तर का वो peon, मज़ाल की सफाई करते वक़्त वो एक भी तिनका छोड़ दे. जब वो काम करता है न !तो ऐसा लगता है, कि मानो उसे अपने काम से कितना प्यार हो. अपने काम से प्यार करने वाला, मेरे ऑफिस का वो peon कोई आम तो नहीं लगता। राजगद्दियों पर बैठे तानाशाहों को काम के प्रति प्यार और वफादारी सिखा जाता हैं | तो वो कुछ ख़ास ही होगा।
- अब दूर कहाँ जाएँ, अपने घर की माँओ (mothers) को ही ले लीजिये। खुद से पहले दुसरो को रखने का हुनर सबके पास तो नहीं, तो फिर ये दुर्लभ हुनर जिसके पास होगा वो कोई आम तो नहीं, यक़ीनन कुछ ख़ास ही हैं।
- पेट भरने के लिए तो सभी नौकरी करते हैं, उसमे क्या अलग है. मेरा ही वो दोस्त जो दफ्तर मे पूरा दिन काम करने के बाद, कुछ बच्चों को ट्यूशन देने जाता है, समाज के एक हिस्से को शिक्षित करना, कोई आम बात तो नहीं, कुछ ख़ास ही है।
ऐसे ही कई ख़ास लोग हैं जो मेरे आस पास हैं.
रैंप पर चलने वाली मॉडल्स, संसद मे लड़ते नेता और कंट्रोवर्सीज मे छाए रहने वाले चेहरे ही ख़ास नहीं हैं,
मेरे घर की बाई, मेरे ऑफिस का peon, हमारे घर की मायें और आपका ही कोई दोस्त,
ये खुद जानते है की वो कितने ख़ास हैं।
Thursday, 1 February 2018
दिमागी गुत्थियाँ
आज कल एक line बहुत ज्यादा ट्रेंडिंग है. क्या आप जानते हैं कौन सी. अच्छा रुकिए, मैं बताती हूँ."Do not judge me", आपने भी ये लाइन कभी ना कभी तो बोली होगी, है न ?
तो मैंने सोचा आखिर इस लाइन की सच्चाई जानते हैं. तो कुछ जाँच पड़ताल करनी पड़ी तो समझ आया, जो कुछ इस प्रकार से है......
- कि मैंने' किसी के खुल कर
जीने पर उसे judge किया
और उसे "पागल" करार दे कर,
थोड़ा सा पड़ोसियों से जिक्र किया।
फिर वही किसी ने मुझे
sophisticated क्या कहा,
मैंने "do not judge me" का नारा दे ,
उसे गलत साबित किया।
- कि मैंने' किसी के अनुभव साँझा करने को
"फेंकू" नाम दिया
और ज्यादा नहीं बस थोड़ा सा ही
तो पड़ोसियों से जिक्र किया।
फिर वही किसी की मजाल की
मुझे बोरिंग कहे।
पर जानते हैं मैंने क्या किया।
मैंने "do not judge me"
का थप्पड़ दे , उसे दबा दिया।
- कि मैंने' किसी मजबूत व्यक्तिव वाली महिला
को देख इमोशनलेस करार दिया
और इन्नू सा ही तो पड़ोसियों से जिक्र किया।
फिर वही किसी ने मुझे
अति संवेदनशील क्या कहा
मैंने "do not judge me"
का तमाचा फिर से दे धरा।
- कि मैंने' किसी की दोस्ती को
"दोस्ती है या कुछ और"
कह कर एक हवा चलायी।
फिर वही किसी ने मेरे,
सरेआम प्रेम सबंधों की
चर्चा क्या करी
तो मैंने "do not judge me"
का नारा दे , चैन की साँस ली
तो कहने का अर्थ इतना ही था दोस्तों
"If you say do not judge me"
then first make sure "you do not"
Subscribe to:
Posts (Atom)
The Perspective of Universe
If GOD gave you haters, be grateful, GOD has given you WATCHERS. How many people are out there who crave such attention. If GOD gave yo...
-
How you feel about certainty? How fulfilled it makes you? How definite it is? It makes the way straight. B...
-
Since, i am here. But i always wish to be there. It is land of "Uttarakhand". The land of God (Abode of god) in itself. ...
-
Often we meet people who are good at something but they can’t fetch best of it. Surprisingly! almost all already know what to do to impr...
-
The inspiration of writing this article came from the question asked by a parent on a social website, the question was " HOW SHOULD I...
-
Q. Few friends say; you haven’t seen the world Others say you don’t know how the people are? Some say you are silly enough to b...
-
Often we set the big targets in our life and keep chasing them to make our life beautiful. In the course of blind race we mostly miss ...
-
Hey, You are so tall, short or a dwarf. Its ok, thats called uniqueness. Hey, you look so dark, fair or wheatish. Its ok, fair,...
-
On this women's day, Do yourself a favor, understand the meaning of "Feminism". We have misunderstood feminism right before ...
-
Sooner or later in your life situations wouldn't let you thrive some will say its the complexity of life others will say life i...
-
In the hustle and bustle of daily life, we all have stopped appreciating the positive side of the life. A restlessness and dissatisfactio...





